– हाईवे बंद होने से तीर्थयात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को झेलनी पड़ी दिक्कत
उत्तरकाशी। बारिश से बृहस्पतिवार सुबह यमुनोत्री हाईवे कई स्थानों पर मलबा और चट्टानी पत्थर आने से बाधित हो गया। करीब छह घंटे तक चले राहत एवं सफाई अभियान के बाद एनएच की मशीनों और ऑपरेटरों ने मलबा हटाकर मार्ग को दोपहर से पहले यातायात के लिए सुचारु कर दिया।
सुबह सिलाई बैंड, झरझर गाड़, दुर्बिल बैंड और जंगलचट्टी समेत कई संवेदनशील स्थानों पर पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने के कारण हाईवे बंद रहा। मार्ग अवरुद्ध होने से यमुनोत्री धाम आने-जाने वाले तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इधर, जिला मुख्यालय से कुछ दूरी पर तेखला-महिडांडा मोटर मार्ग पर सुबह एक पेड़ गिरने से आवाजाही बाधित हो गई थी।

सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ हटाकर मार्ग को जल्द बहाल कर दिया। दोपहर में यमुनोत्री हाईवे पर रानाचट्टी के पास भी पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ । लेकिन संबंधित विभागों की त्वरित कार्रवाई के बाद वहां भी मार्ग खोल दिया गया।हालांकि फिलहाल यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सामान्य हो गया है लेकिन सिलाई बैंड क्षेत्र में अब भी रुक-रुक कर चट्टानी पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने यात्रियों से कहा है कि वे यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें और संवेदनशील क्षेत्रों में पूरी सावधानी बरतें।