– गंगोत्री, यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने की तिथि हुई घोषित
– भैया दूज पर सुबह 10:28 यमुनोत्री तो पहले दिन 12:05 बजे बंद होंगे गंगोत्री धाम के कपाट
उतरकाशी। विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट बंदी की तैयारी शुरू हो गई है। तय कार्यक्रमानुसार गंगोत्री धाम के कपाट 10 नवंबर को अन्नकूट पर्व पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद दोपहर 12:05 बजे तथा यमुनोत्री धाम के कपाट अगले दिन 11 नवंबर को भैया दूज के पावन पर्व पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। जिसके बाद मां गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा व यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली में दर्शन कर सकेंगे। 
यमुनोत्री मंदिर समिति के अनुसार, बुधवार 11 नवंबर 2026 को शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि, अनुराधा नक्षत्र, सौम्य योग और धनु लग्न में सुबह 10:28 बजे मां यमुना के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। भैया दूज के अवसर पर कपाट बंद होने के बाद मां यमुना की उत्सव डोली पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनके शीतकालीन प्रवास खरसाली के लिए रवाना होगी। शीतकाल में देश विदेश के श्रद्धालु खरसाली स्थित मां यमुना के मंदिर में मां यमुना के दर्शन कर सकेंगे। दूसरी ओर गंगोत्री धाम के कपाट बंदी की तिथि गत सेामवार को नवमी तिथि पर पहले ही घोषित हो चुकी है। गंगोत्री धाम के कपाट 10 नवंबर को अन्नकूट पर्व पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद दोपहर 12:05 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसी दिन मां गंगा की उत्सव डोली मुखबा गांव के लिए रवाना होगी । डोली देवी मंदिर में रात्री विश्राम करेगी और अगले दिन 11 नवम्बर को भैया दूज पर मुखबा पहुंचेगी। जहां श्रद्धालु अगले छह माह तक दर्शन व पूजा कर पायेंगे। दोनो धामों के कपाट बंद होने के बाद मां गंगा व यमुना के शीतकालीन प्रवास मुखबा व खरसाली गांव में ही देश विदेश से आने वाले श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। मंदिर समिति की ओर से कपाट बंद होने की तैयारी शुरू कर दी है।