– जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने तीन विशेष वॉटर व्हीकल्स को दिखाई हरी झंडी
उत्तरकाशी, जिले में वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन व वन विभाग ने एक बड़ी पहल की है। यहां वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए जिला योजना के तहत वन विभाग ने तीन अत्याधुनिक ‘बुलेरो कैम्पर’ वॉटर व्हीकल्स क्रय किए हैं। ये विशेष वाहन 500 लीटर की टैंक क्षमता और हाई-प्रेशर वॉटर पंप से लैस हैं, जो दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में वनाग्नि पर त्वरित नियंत्रण पाने में सहायता करेंगे।
शुक्रवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जिला योजना वित्तीय वर्ष 2025–26 के अंतर्गत वन विभाग द्वारा क्रय किए गए 3 अत्याधुनिक ‘बुलेरो कैम्पर’ वॉटर व्हीकल्स को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कहा कि ये वाहन वनाग्नि काल में आगजनी की घटनाओं को कम करने के साथ साथ अन्य बहुउद्देशीय कार्यों में भी उपयोगी होंगे। वनाग्नि का सीजन समाप्त होने के पश्चात, इन वाहनों से वॉटर सिस्टम हटाकर इनका उपयोग वन गश्त, राजकीय सामग्री के परिवहन और घायल वन्यजीवों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान तक पहुँचाने में किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा इस तकनीकी सुदृढ़ीकरण से जिले की अमूल्य वन संपदा का संरक्षण और बेहतर ढंग से हो सकेगा। आवंटन के तहत ये तीनों वाहन उत्तरकाशी वन प्रभाग, अपर यमुना वन प्रभाग और टौंस वन प्रभाग पुरोला को सौंपे गए हैं। आधुनिक उपकरणों से लैस इन वाहनों की तैनाती से वन कर्मियों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और आपातकालीन स्थितियों में रिस्पॉन्स टाइम कम होगा। इस मौके पर इस दौरान डीएफओ डीपी बलूनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।