उत्तरकाशी,
पशु क्रूरता निवारण समिति की त्रैमासिक बैठक आज विकास भवन में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता उत्तराखंड गौसेवा आयोग के अध्यक्ष राजेन्द्र अणथवाल ने की। बैठक में पिछली तिमाही में लिए गए निर्णयों एवं कार्यान्वित गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई।अध्यक्ष ने पशु कल्याण संगठनों, स्थानीय निकायों और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया। उन्होंने पशु क्रूरता के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निराश्रित पशुओं की समस्या पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा करते हुए, उन्होंने गौशालाओं के विस्तारीकरण हेतु प्रस्ताव तैयार करने और जहां गौशालाएं नहीं हैं वहां भूमि चिन्हित कर निर्माण की दिशा में कार्यवाही के निर्देश दिए।
राजेन्द्र अणथवाल ने पशु टैगिंग कार्य में शेष बचे सभी पशुओं की टैगिंग सुनिश्चित करने तथा रात्रिकालीन दुर्घटनाओं से बचाव हेतु रेडियम कॉलर की प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही, आगामी तिमाही के लिए कार्य योजना, विशिष्ट लक्ष्य एवं समय-सीमा तय की गई।अध्यक्ष ने पशु कल्याण के प्रति समिति की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए जिले में पशु क्रूरता को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई। उन्होंने प्रत्येक विकास खंड में एक नई गौशाला स्थापित करने हेतु स्थल चिन्हित करने एवं नगर पालिकाओं को शीघ्र एनिमल लिफ्टिंग वाहन खरीद के प्रस्ताव शहरी विकास निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त, पशु क्रूरता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने हेतु स्कूलों, गांवों एवं शहरी क्षेत्रों में कार्यशालाएं, नुक्कड़ नाटक व प्रचार-प्रसार अभियान चलाने की योजना पर विचार किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी एसएल सेमवाल ने जिले में पशु क्रूरता से संबंधित प्रमुख चुनौतियों जैसे निराश्रित पशुओं की देखभाल, पशु परिवहन के दौरान होने वाली क्रूरता, और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में अश्विनी शर्मा (उपाध्यक्ष, पशु क्रूरता निवारण समिति), पुलिस उपाधीक्षक जनक पंवार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.एस. बिष्ट, मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कोटियाल, सेवानिवृत्त मेजर आर.एस. जमनाल, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारीगण, पशु चिकित्सा अधिकारीगण एवं विभिन्न गौसेवा संगठनों के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।