डीएम प्रशांत आर्य ने किया यमुनोत्री धाम की यात्रा व्यवस्था का निरीक्षण

– यमुनोत्री पैदल मार्ग पर रेलिंग, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, शौचालय व सफाई व्यवस्थाओं का लिया जायजा
उत्तरकाशी, मानसून काल के बाद जोर पकड़ने लगी चारधाम यात्रा के तहत रविवार को डीएम प्रशांत आर्य ने यमुनोत्री धाम की यात्रा व्वस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यमुनोत्री पैदल मार्ग के किनारे क्षतिग्रस्त रैलिंग और दीवार के लिए अधीक्षण अभियंता लोनिवि को तत्काल मरम्मत करने व यमुनोत्री धाम तक के लगभग पांच किमी. लंबे पैदल यात्रा मार्ग को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

मानसून काल की समाप्ति के बाद चारधाम यात्रा के दूसरे चरण के सुगम एवं सुव्यस्थित संचालन को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में हैं। अपने दो दिवसीय भ्रमण के दौरान रविवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने यमुनोत्री धाम पहुंचकर यात्रा मार्ग से लेकर धाम तक व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मानसून के दौरान प्रभावित हुए पैदल मार्ग एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक मरम्मत, रखरखाव एवं व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने यमुनोत्री धाम पैदल मार्ग के किनारे क्षतिग्रस्त रैलिंग और दीवार के लिए अधीक्षण अभियंता लोनिवि को तत्काल मरम्मत करने के निर्देश दिए तथा यमुनोत्री धाम तक के लगभग 5 किमी लंबे पैदल यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर मार्ग की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया और श्रद्धालुओं की सुविधा को दृष्टिगत सभी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। एएमए जिला पंचायत को घोड़े-खच्चरों के लिए पैदल मार्ग पर चरी की साफ सफाई और गर्म पानी की निरंतर उपलब्धता और यात्रा के दौरान उनसे जुड़ी सभी अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने यमुनोत्री धाम, जानकीचट्टी, खरसाली और पैदल मार्ग पर स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। उन्होंने जिला पंचायत व सुलभ इंटरनेशनल को यात्रा मार्ग से कूड़ा और लीद नियमित रूप से हटाने के आदेश दिए। इसके अलावा, सुलभ इंटरनेशनल को शौचालयों की तत्काल मरम्मत, पर्याप्त जलापूर्ति और सतत सफाई सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा श्रद्वालुओं द्वारा विसर्जित की जा रही साड़ियों के निस्तारण के लिए स्थाई समाधान करने के निर्देश देते हुए मंदिर के आसपास गंदगी की सफाई करने की लिए जिला पंचायत को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये।

जिलाधिकारी ने जानकीचट्टी सहित यमुनोत्री यात्रा मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यात्रा मार्ग एवं पड़ावों पर चिकित्सा व्यवस्थाओं को सक्रिय रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने एवं चिकित्सकों की तैनाती और आवश्यक दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यात्रा पैदल मार्ग पर स्थापित फर्स्ट मेडिकल रिस्पॉन्डर स्वास्थ्य मित्रों के कैंपों के दरवाजों को तत्काल बदलवाने के निर्देश दिए।

यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित एजेंसियों को सक्रियता से कार्य करने को कहा। यमुनोत्री मार्ग पर स्यानाचट्टी, पालीगाड, सिलाईबैंड और औजारी में ईई एनएच को पर्याप्त मशीनरी और कार्यबल तैनात कर यात्रा सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिये।

यमुनोत्री धाम में जिलाधिकारी ने पेयजल, विद्युत, सफाई, शौचालय, चेंजिंग रूम सहित श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाओं के लिए किसी प्रकार की असुविधा न हो। संबंधित विभाग यात्रा अवधि में नियमित रूप से व्यवस्थाओं की निगरानी करते हुए व्यवस्था दुरुस्त रखे। मंदिर प्रांगण में मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर अन्य समस्याओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान पुलिस चौकी यमुनोत्री का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

इस दौरान उपजिलाधिकारी बड़कोट बृजेश तिवारी, सीओ बड़कोट चंचल शर्मा,अधीक्षण अभियंता विजय कुमार, ईई सिंचाई रामस्वरूप बड़ौनी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत भावना रावत, परियोजना प्रबंधक रीप कपिल उपाध्याय, पर्यावरण विशेषज्ञ प्रताप मटूडा सहित यमुनोत्री मंदिर समिति सचिव सुनील उनियाल व अन्य समिति सदस्य एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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