जिलाधिकारी ने स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा की; रिकवरी की सूचना न देने पर बैंक प्रबंधकों को दी चेतावनी
उत्तरकाशी, वार्षिक ऋण योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बैंक प्रबंधकों को सख्त निर्देश दिए कि जनहित की योजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी विभागीय लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए।
मंगलवार को डीएम प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय समीक्षा समिति व सलाहकार समिति की बैठक संपन्न हुई। कहा कि समीक्षा के दौरान डीएम ने बैंकों द्वारा की जा रही रिकवरी की स्थिति की जानकारी ली और बैंकों को रिकवरी बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों को सचेत किया कि भविष्य में डेटा साझा करने में किसी भी प्रकार की देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने बैंकों के एनपीए की स्थिति और सीएसपी केंद्रों में चल रही गतिविधियों की भी गहन समीक्षा की और सेवाओं में सुधार के निर्देश दिए। डीएम ने बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड, सीएम स्वरोजगार योजना, डेयरी, पशुपालन और पर्यटन विभाग की ऋण योजनाओं में बैंक और विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को ऋण सुविधा के लिए बेवजह कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह, एपीडी रमेश कुमार, सीएओ एसएस वर्मा, जीएम डीआईसी शैली डबराल, सीवीओ एचएस बिष्ट, एलडीएम बीएन सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी और बैंक प्रबंधक उपस्थित रहे।