– हमारी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव हमारे जीवन मूल्यों को सुदृढ़ करता है – डीएम
उत्तरकाशी,
पारंपरिक लोकपर्व फूलदेई का पर्व उत्तरकाशी में रविवार को बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ शुरू हो गया। चैत संक्राति के अवसर पर पर्व की शुरुआत बच्चों और स्थानीय लोगों के हर्षोल्लास के साथ हुई। इस दौरान छोटे-छोटे बच्चों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार घरों की देहरियों पर फूल डालकर समृद्धि और सुख-शांति की कामना की। वहीं फूलदेई छम्मा देई, दैणी द्वार भर भंकार जैसे गीतों से काशी नगर गुंजायमान रहा।
रविवार को फूलदेई पर्व पर श्री काशी विश्वनाथ गुरुकुलम के बाल सेवकों ने पारंपरिक बेश भूषा में लोक वाद्य यंत्रों के साथ सर्व प्रथम बाबा काशी विश्वनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की और मंदिर की देहरियों में पुष्प अर्पित कर लोकपर्व की शुरूआत की। इसके पश्चात सभी सेवक जिलाधिकारी आवास पहुँचे, जहाँ उन्होंने परंपरा के अनुसार फ्योंली सहित अन्य स्थानीय पुष्पों को देहरियों में अर्पित कर फूलदेई पर्व की शुभकामनाएँ दीं। इस मौके पर डीएम प्रशांत आर्य ने बच्चों के भविष्य की मंगलकामना की और कहा कि शिक्षा ही सशक्त भविष्य की कुंजी है। हमारी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव हमारे जीवन मूल्यों को सुदृढ़ करता है और हमें संस्कारवान बनाता है। डीएम आवास के बाद गुरुकुलम के बच्चे महंत जयेंद्र पुरी के आवास पर गए और पारंपरिक रूप से देहरियों में पुष्प अर्पित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर कार्यक्रम के संयोजक अजय पुरी ने बताया कि फूलदेई संग्राद का यह पारंपरिक कार्यक्रम चैत्र माह की संक्रांति से आरंभ होकर आठ दिनों तक चलेगा। कहा कि फूलदेई उत्सव न केवल एक लोकपर्व के रूप में बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, प्रकृति और परंपराओं से जोड़ने के एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इस पहल के माध्यम से हिमालयी पुष्पों को भी प्रोत्साहन दिया जाता है, जिसमें विशेष रूप से फ्योंली और बुरांस के फूलों को प्राथमिकता दी जाती है, ताकि नई पीढ़ी को अपने प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण के प्रति जागरूकता प्राप्त हो सके।
इस मौके पर अनन्या बिष्ट, वैष्णवी रावत, आस्था रावत, दिव्यांशी कुड़ियाल, श्रेयांश डोभाल, अर्नव पुंडीर, कृष्णा रावत, अंकित, मनदीप रावत, पारस कोटनाला सहित अन्य बाल सेवक, सुरेंद्र गंगाड़ी एवं माधव भट्ट भी उपस्थित रहे।
– काशी विश्वनाथ की देहरी पर फूल डालकर फूलदेई का पर्व मनाते गुरूकुलम के छात्र