उत्तरकाशी। उच्चतम न्यायालय ने पुरोला की ब्लॉक प्रमुख निशिता शाह के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर लगी रोक को हटाने के आदेश जारी किए हैं। इससे पुरोला प्रमुख निशिता शाह को बड़ी राहत मिली है।
त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव में प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी के आरोपों के चलते गत पांच माह पहले पुरोला की ब्लॉक प्रमुख निशिता शाह के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों पर जिला न्यायालय ने आदेश जारी कर रोक लगा दी थी। जिस पर प्रमुख ने मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपनी याचिका दायर की थी। जिस पर सोमवार को फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने प्रमुख निशिता शाह को राहत देते हुए उनके वित्तीय एवं प्रशासनि दायित्वों के निर्वहन करने के आदेश दिए हैं। जिस पर उनके समर्थकों ने खुशी व्यक्त की है। समर्थकों का कहना है कि लंबे समय से चले आ रहे इस प्रकरण के कारण प्रखंड स्तर पर कई प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे,जो अब गति पकड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। बता दें कि ब्लाक प्रमुख निशिता शाह पुरोला के पूर्व विधायक मालचंद की पुत्रवधू हैं, प्रतिपक्ष द्वारा निशिता पर अनुसूचित जनजाति जौनसार क्षेत्र से मायका होने तथा पहले जनजाति प्रमाण पत्र का उपयोग करनें व शादी के बाद ब्लाक प्रमुख पद के लिए अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र का लाभ लेने का न्यायालय में आरोप लगाये गए हैं। जिस पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। पूर्व विधायक मालचंद व उनकी ब्लाक प्रमुख बहू निशिता शाह के समर्थकों ने इसे “सत्य की जीत” बताते हुए न्याय पालिका का आभार एवं विश्वास जताया है। दूसरी ओर आगामी विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दृष्टिकोण से भी यह फैसला अहम माना जा रहा है,क्योंकि प्रकरण को लेकर स्थानीय राजनीति में लंबे समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।