– गत 18 अगस्त से चरण वद्ध आंदोलनरत है शिक्षक
– शिक्षकों ने मांगो के निस्तारण न होने पर जताई नाराजगी
उत्तरकाशी, राजकीय शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों ने अपनी लम्बित मांगो के निस्तारण न होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। यहा रविवार को आक्रोशित शिक्षकों ने मणिकर्णिका घाट पर श्राद्वपक्ष में तर्पण कार्यक्रम आयोजित किया । इस मौके पर शिक्षकों ने सीमित विभागीय भर्ती परीक्षा नियमावली की प्रतियां जलाई और तर्पण देकर उसको गंगा में विसर्जित किया।
बता दें कि राजकीय शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षक अपनी न्यायोचित माँगो सभी स्तरों की शत-प्रतिशत पदोन्नति, सीमित विभागीय भर्ती परीक्षा नियमावली को निरस्त करने एवं स्थानान्तरण प्रक्रिया बहाल करने सहित विभिन्न मांगो को लेकर गत 18 अगस्त से चरणवद्ध आंदोलित हैं। लेकिन शाससन प्रशासन शिक्षकों की मांगो को लेकर गंभीर नही है। जिस पर रविवार को नाराज सभी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अतोल सिंह महर के नेतृत्व में मणिकर्णिका घाट पर एकत्रित हुए। यहां पर शिक्षकों ने आपनी मांगो को लेकर प्रदर्शन किया। वहीं इसके बाद संघ के अध्यक्ष अतोल महर व महामंत्री बलवंत असवाल सहित अन्य शिक्षकों ने श्राद्धपक्ष पर प्रधानाचार्य पदों के लिए निकाली गई विभागीय सीधी भर्ती परीक्षा की नियमावली की प्रति जलाई ओर गंगा में विसर्जित कर अपना पूरजोर विरोध किया। शिक्षकों ने कहा कि उत्तरकाशी में ही वर्तमान में 96 पद प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापक विहीन हैं। जिन पर संगठन विगत कई वर्षों से पदोन्नति की मांग कर रहा है। कहा कि गत 16 सितम्बर को शिक्षा विभाग ने पत्र निर्गत कर, नियमावली में आवश्यक बदलाव हेतु वार्ता करने पर लिखित आदेश सहित सहमति दी गई थी। साथ ही उक्त परीक्षा नियमावली भी स्थगित कर दी गई थी। लेकिन इसके बाद भी सीमित विभागीय भर्ती परीक्षा हेतु, नियमावली को पुनः अस्तित्व में लाने के साथ ही, विभाग एवं सरकार के द्वारा इस पर (लेवल 12 के पद पर) लिखित परीक्षा आयोजित हो रही है। जिसका शिक्षक कड़ा विरोध करते हैं।

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अंतोल महर, जिलामंत्री बलबंत असवाल,पुरुषोत्तम सिंह सैंसवगण, संयुक्त मंत्री हिमानी मटूडा, शांति प्रसाद नौटियाल, ललित मोहन भट्ट, शंभू प्रसाद, सुशील चन्द्र, मनोजपाल परमार, महेश उनियाल, वेद प्रकाश भट्ट, डॉ. शंभू प्रसाद नौटियाल, डॉ. प्रदीप कोठारी, डॉ. मुरली मनोहर भट्ट, अरविन्द भट्ट राजेश नौटियाल, दिनेश बर्तवाल मंजू नौटियाल, सुरेश बर्तवाल आदि शिक्षक मौजूद रहे।
फोटो- 1- रविवार को मणिकर्णिका घाट पर तर्पण देकर नियमवली की प्रतियां गंगा में विसर्जित करते शिक्षक