बाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत सीमांत गांवों के समग्र विकास को लेकर जिला प्रशासन एवं भारतीय सेना के सहयोग से अंडर ऑफ सद्भावना कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में आधारभूत संरचना,स्वरोजगार, स्थानीय उत्पादों के संवर्धन तथा पारंपरिक संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
गुरुवार को जिलाधिकारी डॉ.मेहरबान सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लेफ्टिनेंट कर्नल टिज्यू थॉमस ने बताया कि झाला गांव में एप्पल प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना के लिए उपयुक्त भूमि का चयन कर लिया गया है। इस परियोजना से क्षेत्रीय किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि सीमांत गांवों में भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की स्वीकृति के तहत सामुदायिक रेडियो स्टेशन की स्थापना की योजना भी प्रगति पर है,जिससे सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के साथ स्थानीय मुद्दों पर संवाद का प्रभावी मंच उपलब्ध हो सकेगा।
इस दौरान हर्षिल क्षेत्र के पर्यटन,संस्कृति और हस्तशिल्प को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने हेतु “हर्षिल हैरिटेज फेस्टिवल” के आयोजन पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि इस महोत्सव का आयोजन “विश्व पर्यटन दिवस” के अवसर पर किया जाए। तथा मेले की अवधि और गतिविधियों को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।
जिलाधिकारी ने सीमांत गांवों में प्रस्तावित समस्त विकास कार्यों हेतु सेना को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने संबंधित रेखीय विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि झाला में प्रस्तावित एप्पल प्रोसेसिंग यूनिट के क्रियान्वयन में सभी आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग देना सुनिश्चित करेंगे। इससे पूर्व जिलाधिकारी ने आगामी 21 जून को विश्व योग दिवस की तैयारियों की भी समीक्षा की। तथा अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी पीएल शाह,एसडीएम देवानंद शर्मा,शालनी नेगी,परियोजना निदेशक अजय सिंह,एसडीओ मयंक गर्ग,सीएचओ डॉ.रजनीश कुमार,जिला पर्यटन अधिकारी केके जोशी,पर्यावण विशेषज्ञ स्वजल प्रताप मटूड़ा,ईई जल निगम मधुकांत कोटियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
