निरीक्षण में एसडीएम को अस्पताल में लटका मिला ताला

– डीएम बोले स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता प्रशासन की प्रतिबद्धता
– स्वास्थ्य सेवाओं की कमियों को दूर करने के लिए किया जा रहा निरंतर निरीक्षण
उत्तरकाशी, उत्तरकाशी जिले के अस्पताल में आ रही तमाम शिकायतों को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढं बनाने के लिए डीएम प्रशांत आर्य के निर्देश पर जिले में तैनात उपजिलाधिकारियों ने शनिवार को अपने-अपने क्षेत्र के अस्तपालों का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी सहित अस्पताल बंद पाए गए। जिस पर उन्होंने सीएमओं को व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए हैं।
शनिवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर एसडीएम भटवाड़ी शालिनी नेगी ने पीएचसी भटवाड़ी का निरीक्षण किया। यहां निरीक्षण के प्रभारी चिकित्सक डॉ. राहुल सहित 05 एमबीबीएस, 02 बीडीएस डॉक्टर के अतरिक्त नर्सिंग स्टाफ में 06 कर्मचारी तैनात हैं। एसडीएम द्वारा मरीज पंजीकरण, प्रसूति कक्ष, इमर्जेंसी कक्ष और लैब का निरीक्षण किया गया तो अस्पताल में सफाई व्यवस्था नही मिली। पीएचसी गंगनानी का निरीक्षण करने पर

अस्पताल में ताला लटका मिला। जिस पर एसडीएम ने नाराजगी व्यक्त की और सीएमओं को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। इसके बाद उपकेन्द्र का ताला खोला गया। वहीं दूसरी ओर एसडीएम डुंडा देवानंद शर्मा ने पीएचसी डुँडा व ब्रह्मखाल में निरीक्षण के दौरान नागरिकों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं को परखा। जिसमें एक्स रे टेक्नीशियन की कमी को देखते हुए सीएमओ को निर्देशित किया गया। बड़कोट में बृजेश कुमार तिवारी ने सीएचसी बड़कोट के निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों की उपस्थिति जांची गई। जिसमें लैब कक्ष, वैक्सीनेशन कक्ष, औषधि भंडार कक्ष , इमर्जेंसी कक्ष, एक्सरे कक्ष आदि का निरीक्षण किया। निरीक्षण में दंत चिकित्सक सहायक, सफाई कर्मचारी, डाटा एंट्री ऑपरेटर की कमी देखने को मिली। वहीं पुरोला में सीएचसी पुरोला,पीएचसी कुमोला , गुन्दियाटगांव का निरीक्षण किया गया। स्वास्थ्य केंद्रों में स्वीकृत पद के सापेक्ष के कार्मिकों की नियुक्ति किए जाने की खामी मिली।
जिलाधिकारी ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं का सुनिश्चित उपयोग है। निरीक्षण अभियान का उद्देश्य जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति एवं पारदर्शिता प्रदान करना है, जिससे प्रत्येक नागरिक को बेहतर उपचार उपलब्ध हो सके। स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि सभी आवश्यक दवाएं, उपकरण एवं मानव संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जाएं तथा मरीजों को कोई असुविधा न हो।

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