उत्तरकाशी, उत्तरकाशी के पुरोला क्षेत्र में एक दिवसीय जौनसार बाबर एवं जौनपुर समुदाय के लोगों ने मरोज महोत्सव का आयोजन बड़े हर्षोल्लास और रंगारंग लोक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ किया गया। महोत्सव का उद्देश्य अपने क्षेत्र की लोक संस्कृति, परंपराओं और बोली-भाषाओं को सहेजना एवं नई पीढ़ी तक पहुँचाना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत समुदाय द्वारा अपनी-अपनी स्थानीय बोली और भाषा में परिचय देने से हुई, जिससे सांस्कृतिक एकता और आपसी सौहार्द का सुंदर संदेश मिला। इसके पश्चात पारंपरिक लोक गीतों की मधुर धुनों पर प्रस्तुत तांदी नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे जौनसारी,बाबरी और जौनपुरी लोगों की प्रस्तुति महोत्सव का मुख्य आकर्षण रही। महोत्सव में जौनसार बाबर और जौनपुरी क्षेत्र की लोक परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। लोक गीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी समृद्ध विरासत को प्रभावशाली ढंग से मंच पर उतारा। अन्य कस्बों से आये लोगों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को लोक संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। महोत्सव के सफल आयोजन से पूरे पंडाल में उत्सव का माहौल बना रहा और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिली। इस मौके पर अध्यक्ष देवराज तोमर सहित शीशपाल सिंह,सूरत सिंह चौहान, गम्भीर तोमर, कांतिराम जोशी,सुनील रावत,आकाश रावत,ब्रह्मदत्त जोशी,सुनील थपलियाल,लाल सिंह,अब्बल राणा, राकेश चौहान,प्रदीप दयाल,सरदार चौहान,बलबीर सिंह,वंशिवर जोशी,बलबंत सिंह,दिनेश चौहान, नरेंद्र सिंह,आत्माराम जोशी,नरेंद्र आदि लोग मौजूद रहे।
29 -नाप 1. पुरोला में आयोजित मरोज महोत्सव में जौनसार,बावर व जौनपुरी समुदाय के लोग पारम्परिक नृत्य करते हुए।