उत्तरकाशी,भारत चीन सीमा से सटे नेलांग व जादुंग गांव के मूलभूत सुविधाओं के विकास तथा सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है। शुक्रवार को डीएम प्रशांत आर्य ने सेना एवं सम्बंधित अधिकारियों के साथ सिविल मिलेट्री लाइजन को लेकर चर्चा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जादुंग एवं नेलांग गांवों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना,आरओ प्लांट स्थापित करने के साथ ही नेलांग गांव के पास दर्शनीय स्थल व कैफे निर्माण किया जाना है। जिसके लिए सभी अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि सीमांत के वाइब्रेट विलेज में बुनियादी सुविधाओं का विकास सरकार की प्राथमिकता है और इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटन विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए कहा कि वाइब्रेट विलेज में ऊर्जा,पेयजल संयोजन,पर्यटन आधारित परियोजनाओं के प्रस्तावों पर तेजी से कार्य किए जाए। ताकि स्थानीय स्तर पर नागरिकों को सुविधा मिल सके। जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों से आवश्यक औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने तथा एनओसी निर्गत प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुगम बनाने पर जोर दिया।
हर्षिल क्षेत्र के पर्यटन,संस्कृति और हस्तशिल्प को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने हेतु “हर्षिल हैरिटेज फेस्टिवल” के आयोजन पर भी विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने 25 से 31 दिसम्बर के बीच हर्षिल हैरिटेज महोत्सव के आयोजन कराने तथा मेले की अवधि और गतिविधियों को लेकर विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में कर्नल हर्षवर्धन शेखावत,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाई,जय पंवार भौतिक रूप से एवं उपनिदेशक गंगोत्री नेशनल पार्क हरीश नेगी,सीडीओ एसएल सेमवाल,एसडीएम शालनी नेगी,जिला पर्यटन अधिकारी केके जोशी सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।