संस्कृति से जुड़ने और पर्यावरण संरक्षण का पर्व है हरेला: डीएम

उत्तरकाशी। हरेला पर्व पर डुंडा ब्लॉक के मांगली सेरा में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते डीएम प्रशांत आर्य ने कहा कि पेड़ लगाना केवल एक पौधा रोपना नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य की नींव रखना है। इसके साथ ही रोपित पौधों की समुचित देखभाल और सुरक्षा करना भी हमारा कर्तव्य है।

बुधवार केा हरेला पर्व पर मांगली सेरा में हरेला पर्व पर पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयेाजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि प्रकृति, संस्कृति और पर्यावरण के बीच गहरा संबंध है तथा हमारी संस्कृति में प्रकृति को हमेशा से पूज्यनीय माना गया है और हरेला पर्व इसी परंपरा का हिस्सा हैं।जिलाधिकारी ने कहा कि पारंपरिक पर्व हरेला प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी याद दिलाता है। यह केवल एक त्यौहार नहीं, बल्कि एक ऐसा अवसर है जब हम अपनी संस्कृति से जुड़ते हुए पर्यावरण को बचाने का संकल्प लेते हैं।उन्होंने लोगों से इस अवसर पर अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की।जिलाधिकारी ने कहा, “पेड़ लगाना केवल एक पौधा रोपना नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य की नींव रखना है और रोपित पौधों की समुचित देखभाल और सुरक्षा करना भी हमारा कर्तव्य है। ”

जिलाधिकारी ने स्थानीय लोगों को हरेला के दौरान वृक्षारोपण व संस्कृति में पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में भी बताया। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न अधिकारियों और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी एस.एल सेमवाल, एडीएम मुक्ता मिश्र, परियोजना निदेशक अजय सिंह, डीपीआरओ के.सी बहुगुणा, बीडीओ डुंडा दिनेश जोशी सहित विभिन्न अधिकारी ,कर्मचारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।

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