केदारनाथ धाम में मरीज को रेस्क्यू करने पहुंची थी संजीवनी हेली एंबुलेंस
टेल रोटर टूटा, फिर भी सभी सुरक्षित, डीजीसीए करेगी तकनीकी जांच
डीजीसीए करेगी तकनीकी जांच
उत्तरकाशी, केदारनाथ धाम में हेलीपैड से 20 मीटर पहले ही एक हेलीकॉप्टर एंबुलेंस की क्रैश लैंडिंग हुई है। शुक्र रहा कि हेलीकॉप्टर में सवार तीनों लोग सुरक्षित हैं।
शनिवार को केदारनाथ धाम में एक बड़ा हेली हादसा होने से टल गया। एक मरीज को रेस्क्यू करने पहुंची संजीवनी हेली एंबुलेंस को अचानक तकनीकी खराबी का सामना करना पड़ा। एम्स ऋषिकेश से आई मेडिकल टीम को लेकर आ रही इस हेली एंबुलेंस की पायलट ने समय रहते सूझबूझ दिखाते हुए केदारनाथ हेलीपैड के पास ही समतल स्थान पर आपातकालीन लैंडिंग कर दी।
हेलिकॉप्टर में पायलट के अलावा एक डॉक्टर और एक नर्सिंग स्टाफ सवार थे, सभी सुरक्षित हैं।
जिला पर्यटन अधिकारी एवं नोडल हेली सेवा प्रभारी राहुल चौबे ने जानकारी देते हुए बताया कि एक महिला श्रद्धालु को केदारनाथ धाम में सांस लेने में अत्यधिक दिक्कत होने पर राज्य सरकार की ‘संजीवनी’ हेली एंबुलेंस सेवा की मदद ली गई थी। हेली में सवार टीम में एम्स से एक डॉक्टर और एक नर्सिंग स्टाफ भी शामिल थे।
मुख्य हेलीपैड पर उतरने से कुछ पहले ही तकनीकी खराबी आने के संकेत मिले, जिसे पायलट ने समय रहते समझ लिया और तय हेलीपैड से पहले ही लैंडिंग करने का प्रयास किया कि इसी दौरान क्रैश लैंडिंग हुई। लैंडिंग के दौरान हेलिकॉप्टर का टेल रोटर टूट गया है। इस घटना की तकनीकी जांच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय डीजीसीए द्वारा की जाएगी, जिससे सही कारणों का पता चल सके।
पायलट की सतर्कता और त्वरित निर्णय ने एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया, जिसकी सभी ओर सराहना की जा रही है।