उत्तरकाशी, मुख्यमंत्री पुषकर सिंह धामी ने बुधवार को आपदा प्रभावित क्षेत्र स्यानाचट्टी का स्थलीय निरीक्षण किया । इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनकर उन्हें हर संभव मदद दिए जाने का आश्वासन दिया। उन्होंनें यमुनोत्री हाईवे पर आवाजाही बाधित होने के कारण प्रभावित हुए क्षेत्र के कास्तकारों को आलू की फसल का समर्थन मूल्य दिए जाने की बात कही।
बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी दोपहर 12 बजे बड़कोट हैलीपेड पहुंचे। जहां से बायकार आपदा प्रभावित क्षेत्र स्यानाचट्टी के लिए रवाना हुए। यहां स्यानाचट्टी पहुंचने पर यानाचट्टी के पास यमुना नदी में गडगाड गदेरे से मलबा आने से यमुना का प्रवाह अवरुद्ध होने के कारण अस्थाई झील निर्मित हुई थी। मुख्यमंत्री ने स्यानाचट्टी में बनी अस्थाई झील का निरीक्षण किया और नदी मार्ग में जमा हुई गाद को हटाने और झील के मुहाने को चौड़ा करके त्वरित जल निकासी बढ़ाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को जल भराव और मलबा आने से स्थानीय लोगों का हुए नुकसान का तत्काल आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा आवाजाही बाधित होने के कारण आलू की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कुपड़ा कुंशाला पुल का स्थलीय निरीक्षण कर जल्द से जल्द कार्यदायी संस्था नामित कर निर्माण कार्य शुरू करने और आवाजाही बहाल होने तक वैकल्पिक पैदल मार्ग को व्यवस्थित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगह जगह भूस्खलन से मार्ग अवरुद्ध होने से बाधित हुई आवाजाही को बहाल किया जाए और यमुनोत्री मार्ग को सुचारू कर यात्रा के लिए जल्द खोला जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा संकट की इस घड़ी में सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ है तथा प्रभावित लोगों को हुए नुकसान का आंकलन कर जल्द से जल्द हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस दौरान पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल, जिलाध्यक्ष बीजेपी नागेंद्र चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान,गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट , जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक सरिता डोभाल, कमांडेंट एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी, एडीएम मुक्ता मिश्र, एसडीएम बृजेश तिवारी, पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र सिंह नेगी एवं जनक सिंह पंवार उपस्थित रहे ।