उत्तरकाशी, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बुधवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में सीएम हेल्पलाइन और मुख्यमंत्री जन समर्पण पोर्टल पर लंबित शिकायतों की समीक्षा बैठक ली। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं सीएम हेल्पलाइन की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करते हैं, इसलिए सभी अधिकारी शिकायतों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए और समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने 36 दिन से अधिक लंबित शिकायतों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की उन्होंने कहा जन समस्याओं के निराकरण में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान 36 से अधिक दिनों तक लंबित शिकायतों में पेयजल निगम 29, विद्युत 10, राजस्व 06, लोक निर्माण विभाग 05, पीएमजीएसवाई 05 सहित कुल 116 शिकायते लंबित है। 24 शिकायते जन समर्पण पोर्टल पर लंबित है। जिसके लिए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों का जल्द गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कई शिकायतें विभिन्न विभागों से जुड़ी होती हैं, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। यदि किसी शिकायत के समाधान के लिए एक से अधिक विभागों की भूमिका है, तो संबंधित विभाग मिलकर उसका निराकरण करें।
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों में व्यक्तिगत समस्याओं के साथ-साथ सामुदायिक समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाए। ऐसी समस्याएं जो अधिक लोगों को प्रभावित करती हैं, उनका प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके। जिलाधिकारी ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन आमजन की समस्याओं के समाधान का एक प्रभावी मंच है। आम नागरिक अपनी समस्याओं को दर्ज कराकर शासन तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि वे स्वयं पोर्टल पर लॉगइन कर शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करें। अधीनस्थ कर्मचारियों पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय अधिकारी व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से हो।
बैठक में अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र, उपजिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी, मुकेश चन्द रमोला, ईई यूपीसीएल मनोज गुसाईं, ईई लोनिवि रजनीश सैनी सहित अन्य अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े ।