हनीट्रैप में फंसकर पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडलर्स को कथित रूप से सैन्य जानकारियां देने के मामले में गिरफ्तार सबका गांव के सुनील कुमार को लेकर जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नई और चौंकाने वाली परतें खुलती जा रही हैं।
मामले की जांच के लिए डीएसपी हेडक्वार्टर वीरेंद्र कुमार की अगुवाई में एसआइटी गठित कर दी गई है। सुनील चार दिन के रिमांड पर है, उसे बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। सोमवार को वायुसेना पुलिस के अधिकारियों ने भी सीआइए कार्यालय में पहुंचकर आरोपित से पूछताछ की।
सीआइए-टू की प्रारंभिक जांच में फिलहाल सुनील कुमार के बैंक खातों में पाकिस्तान या किसी विदेशी स्रोत से कोई लेन-देन नहीं मिला है। पूछताछ में सुनील का दावा है कि उसे यह जानकारी नहीं थी कि जिन लड़कियों से वह बात कर रहा था, वे पाकिस्तानी हैं।
उनके मोबाइल नंबर भारतीय थे। यह भी दावा किया है कि उसने जो जानकारियां साझा कीं, वे गूगल से ली गई थीं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उससे सीमाओं पर मिसाइलों की संख्या पूछी गई थी, जो उसने इंटरनेट पर गूगल से देखकर बताई। वायुसेना ठिकानों की संख्या भी उसने अनुमान और गूगल सर्च के आधार पर बताई।