उत्तरकाशी, राजेन्द्र भट्ट
विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट मंगलवार को सैलानियों के लिए खोल दिए गए। अब पर्यटक गर्तांगली, नेलांग और गोमुख तपोवन की सैर कर सकेंगे। हालांकि गंगोत्री और गोमुख के बीच कई स्थानों पर हिमखंड के कारण ट्रैक अवरुद्ध है। हिमखंड की बर्फ हटाने और पिघलने में अभी समय लगेगा। इस परिस्थिति में गोमुख और केदारताल ट्रैक पर आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है। नेलांग और गर्तांगली के दीदार के लिए पर्यटकों को मंगलवार से अनुमति लेनी शुरू कर दी है।
मंगलवार को कनखू बेरियर में विधिवत पूजा अर्चना के बाद उपनिदेशक हरीश नेगी और रेंजर प्रदीप बिष्ट ने विधिवत पूजा अर्चना करने के बाद गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट सैलानियों के लिए खोल दिए। इसके बाद नेलांग घाटी और गर्तांगली के गेट खोले गए। अब पर्यटक छोटे लद्दाख कहे जाने वाली नेलांग और जादूंग घाटी सहित भारत-तिब्बत व्यापार के गर्तांगली की सैर कर पाएंगे।
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गर्तांगली और नेलांग घाटी का रुख कर सेकेंगे पर्यटक
रेंज अधिकारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि इन दोनों स्थानों के लिए एक अप्रैल से अनुमति पर्यटकों को देनी शुरू कर दी गई है। लेकिन अभी गोमुख और केदारताल ट्रैक पर आवाजाही नहीं हो पाएगी। वहां पर बड़े-बड़े ग्लेशियर आने के कारण मार्ग बंद और क्षतिग्रस्त हैं। वन मार्ग को खोलने के लिए मजूदर कार्य कर रहे हैं। प्रयास रहेगा कि जल्द ही मार्ग सुचारू कर दोनों ट्रैक शुरू कर पर्वतारोहण को शुरू करवाया जाए। वहीं पहले दिन पर्यटक गर्तांगली औ नेलांग घाटी के दीदार के लिए उत्साहित नजर आए। पर्यटकों ने इसके बाद गर्तांगली गली के रोमांच का लुत्फ उठाया।
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पार्क क्षेत्र कई दर्शनीय स्थल
विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में गंगोत्री ग्लेशियर, हिमालय की प्रसिद्ध चोटियां, गंगा का उद्गम स्थल गोमुख, केदारताल, भारत चीन सीमा पर स्थित नेलांग घाटी और ऐतिहासिक गर्तांगली व अन्य कई पर्यटक स्थल हैं। करीब 1553 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला गंगोत्री नेशनल पार्क हिम तेंदुआ के लिए खास पहचान रखता है। इसके अलावा पार्क में भूरा भालू, काला भालू, भरल, अगराली भेड़, लाल लोमड़ी सहित कई वन्यजीव विचरण करते हैं। दुनिया के पर्वतारोही भी गंगोत्री नेशनल पार्क में स्थित विश्व प्रसिद्ध चोटियों के आरोहण के लिए आते हैं।