जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने उप निदेशक गंगोत्री राष्ट्रीय पार्क एवं जिला पर्यटन विकास अधिकारी को निर्देशित किया

कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए ऐतिहासिक र्गतांग गली पर्यटकों के लिए खोल दी गई है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने उप निदेशक गंगोत्री राष्ट्रीय पार्क एवं जिला पर्यटन विकास अधिकारी को निर्देशित किया है कि ट्रैक में आने वाले पर्यटकों से कोविड एसओपी व अन्य बंदिशों का पालन करवाना सुनिश्चित करेंगे। तथा भैरवघाटी के पास चैकपोस्ट बनाकर उक्त क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों का पंजीकरण करना सुनिश्चित करेंगे।

गौरतलब है कि जनपद के सीमान्त क्षेत्र नेलांग घाटी हेतु भैरोंघाटी के समीप र्गतांगगली में खड़ी चट्टानों को काटकर लकड़ी से निर्मित सीढ़ीदार ट्रैक बनाया गया है l जिसे प्रचाीन समय में सीमान्त क्षेत्र में रहने वाले गांव जादूंग,नेलांग को हर्षिल क्षेत्र से पैदल मार्ग के माध्यम से जोड़ा गया था। उक्त मार्ग से स्थानीय लोग तिब्बत से व्यापार भी करते थे तथा सेना द्वारा सीमा की निगरानी के लिए इस मार्ग का उपयोग किया जाता था। वर्तमान में गंगोत्री राष्ट्रीय पार्क अन्तर्गत र्गतांगगली के क्षतिग्रस्त ट्रैक मार्ग जिसकी लम्बाई 136 मीटर तथा चौड़ाई औसतन 1.8 मीटर है, लकड़ी से निर्मित सीढ़ीदार ट्रैक का पुर्ननिर्माण किया गया है।

जिलाधिकारी ने सम्बंधित अधिकारियों को जारी आदेश में अनुपालन सुनिश्चित कराते हुए बताया कि वर्तमान में उक्त ट्रैक पर्यटकों/ट्रेकर्स हेतु खोला गया है। आने वाले पर्यटकों व निर्मित ट्रेक की सुरक्षा के दृष्टिगत उक्त ट्रैक में आवागमन हेतु ट्रैक में एक बार में अधिकतम 10 लोग तथा आपस में एक मीटर की दूरी बनाकर चलेंगे। ट्रैक में झुण्ड बनाकर आवागमन/बैठना निषिद्व होगा।ट्रैक पर अति उत्साहित होकर उछल-कूद/डांस आदि क्रियाकलाप प्रतिबन्धित होगा।सुरक्षा के दृष्टिगत ट्रैक की रैलिंग से नीचे झांकना निषिद्व है। ट्रैक की सुरक्षा के दृष्टिगत ट्रैक क्षेत्र में धुम्रपान करना तथा अन्य ज्वलनशील पदार्थ ले जाना वर्जित है
ट्रैक क्षेत्र में रूककर किसी भी प्रकार का भोजन बनाना आदि क्रियाकलाप वर्जित है l

 

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