उत्तरकाशी। परमार्थ निकेतन एवं महावीर सेवा सदन की ओर से डुंडा स्थित श्रीमती मंजीरा देवी विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय दिव्यांग मुक्त भारत कार्यक्रम शिविर सोमवार को विधिवत रूप से संपंन हो गाय। सोमवार को शिविर के समापन अवसर पर बतौर मुख्यतिथि शामिल हुए उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने शिविर में उपस्थित हुए 65 दिव्यांग जनों को कृत्रिम उपकरण वितरित किए।
सोमवार को डुंडा तहसील मुख्यलय से महज पांच किमी. की दूरी पर स्थित श्रीमती मंजीरा देवी विश्वविद्यालय में आयोजित दिव्यांग मुक्त भारत कार्यक्रम शिविर का समापन उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत व परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद जी महाराज ने किया। इस मौके पर शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि डॉ. धन सिह रावत ने राज्य सरकार ने उत्तरकाशी जिले में शिक्षा व्यवस्था एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एक सौ दस करोड़ रूपये की लागत की कई महत्वपूर्ण योजनाएं स्वीकृत की हैं। उन्होंनें भटवाड़ी में उप जिला अस्पताल की स्थापना कराए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि जमीन की व्यवस्था होते ही इस अस्पताल के भवन निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चिन्यालीसौड़ ब्लॉक में राजीव गांधी नवोदय विद्यालय के निर्माण के लिए 41 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई है और पहले चरण में इस काम के लिए साढे दस करोड़ की धनराशि अवमुक्त कर दी गई है। इस योजना पर भी जल्दी काम प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने दिव्यांगों की सहायता के लिए इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस तरह के प्रयासों में पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में शिक्षा और स्वास्थ्य सेक्टर को प्राथमिकता पर रखते हुए अनेक ऐतिहासिक काम किए जा रहे हैं। राज्य को 2025 तक टीबी मुक्त करने का संकल्प लिया गया है और अब तक साढे पॉंच हजार गांवं टीबीमुक्त हो चुके हैं। राज्य को ड्रग-फ्री बनाने के लिए भी ठोस कदम उठाए गए हैं। उत्तराखंड में सौ फीसदी साक्षरता दर हासिल करने के लिए भी महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों को गांवों को गोद लेने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि हर ब्लॉक में डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं और खाली पदों पर अध्यापकों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि आगामी 5 अक्टूबर तक सभी प्राथमिक विद्यालयों में अध्यापकों की तैनाती सुनिश्चित कर दी जाएगी और काई भी विद्यालय अध्यापक विहीन नहीं रहेगा। उन्होंने जिले में विद्यालय भवनों के निर्माण के लिए दी गई स्वीकृतियों का उल्लेख करने के साथ ही मेधावी छात्रों के लिए कक्षा छः से लेकर उच्च शिक्षा तक के लिए प्रोत्साहन छात्रवृत्ति की योजना लागू की गई है। कहा कि अस्पतालों की स्थिति सुदृढ करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अस्पतालों में नए उपकरणों व चिकित्सकों व नर्सों व अन्य स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जिला अस्पताल उत्तरकाशी में में 23 करोड़ की लागत से 50 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट की स्थापना के साथ ही 10 अतिरिक्त डायलिसिसि यूनिट की स्थापना की स्वीकृति दी जा चुकी हैं। पुरोला में 35 करोड़ की लागत से 50 बेड के उप जिला अस्पताल के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने राज्य में हो रहे विकास कार्यों एवं जन-कल्याणकारी योजनाओं से आम लोगों को मिल रहे फायदों का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी संगठनों एवं लोगों को जन-कल्याण के कामों में एकजुट हो सहयोग करना होगा। तभी तय लक्ष्यों को समय से हासिल किया जा सकेगा।
इस मौके पर परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदांनद मुनि और महावीर सेवा सदन के संस्थापक सदस्य विनोद कुमार बागरोडिया, श्रीमती मंजीरादेवी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. हरिशंकर नौटियाल, भगवन नौटियाल, पवन नौटियाल आदि ने भी विचार रखते हुए दिव्यांगतामुक्त भारत अभियान को पूरी क्षमता से राज्य के कोने-कोने में संचालित करने और अधिकाधिक जरूरतमंद लोगों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने का संकल्प व्यक्त किया।
इस मौके पर महावीर सेवा सदन के विनोद बागरोदिया, विक्रम शाह, कुलाध्यक्ष डा. हरिशंकर नौटियाल, कुलपति डा. भगवन नौटियाल, मैनेजिंग पवन नौटियाल, रजिस्ट्रार डा. भाष्कर , डा. अमित, सुमन नौटियाल, भटवाड़ी प्रमुख विनीता रावत, स्वराज विद्वान, प्रमुख डुंडा शैलेन्द्र कोहली, एसडीएम डुंडा नवाजिश खलीक, रा. स्ना. महाविद्यालय उत्तरकाशी के प्राचार्य प्रो. पंकज पंत,सीएमओ डॉ. बीएस रावत, जिला शिक्षा अधिकारी शैलेन्द्र अमोली, समाज कल्याण अधिकारी सुधीर जोशी, डा. शंभू प्रसाद नौटियाल आदि मौजूद रहे।