उत्तरकाशी
बुद्धिजीवियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ नियमित एवं रचनात्मक संवाद स्थापित करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा एक जन सहभागिता फोरम के गठन की पहल की गई है। जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला के आह्वान पर जिले के बुद्धिजीवियों, स्वयंसेवी संगठनों तथा नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने इस सिलसिले में एक बैठक कर फोरम के गठन की रूपरेखा एवं कार्यकलापों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला ने कहा कि जिले से संबंधित महत्वपूर्ण सम-सामयिक एवं प्रासंगिक मुद्दों पर रचनात्मक विचार-विमर्श करने हेतु जिला स्तर गठित किए जा रहे इस मंच की बैठक प्रत्येक माह आयोजित की जाएगी। फोरम के उपयोगी व औचित्यपूर्ण सुझावों का आवश्यकतानुसार नीति निर्धारण, नियोजन एवं शासकीय कार्यों व योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु उपयोग करने पर विचार किया जा सकेगा। फोरम का संयोजन प्रशासन की पहल पर किया गया है लेकिन इसका संचालन मुख्यतः नागरिक समाज की भागीदारी एवं सुझावों के अनुसार ही किया जाएगा। इसी प्रकार चिन्यालीसौड़, बड़कोट एवं पुरोला में भी क्षेत्रीय फोरम का गठन करने के लिए उपजिलाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशासन के अधिकारियों को फोरम के संयोजन, बैठकों एवं अन्य गतिविधियों के आयोजन हेतु सुविधादाता की भूमिका में रखा गया है। जबकि बुद्धिजीवियों, गैरसरकारी स्वयंसेवी संगठनों, पत्रकारों, युवाओ, महिलाओं, छात्रों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं, रंगकर्मियों, अधिवक्ताओं सहित नागरिक समाज के विभिन्न वर्गों से फोरम में प्रतिनिधित्व की व्यवस्था की गई है।
फोरम में जिले में स्थित सेना एवं अर्द्धसैनिक बलों की स्थानीय इकाईयों, सीमा सड़क संगठन, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, टीएचडीसी, सतलुज जल विद्युत निगम जैसे महत्वपूर्ण संगठनों को भी विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर शामिल किया जाएगा।
बैठक में विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान ने इस तरह के फोरम को नितांत आवश्यक बताते हुए कहा कि इसके जरिए बुद्धिजीवियों के रचनात्मक सहयोग से समस्याओं के समाधान में मदद मिल सकेगी और सामाजिक व विकास से जुड़े मामलों को लेकर बेहतर समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।
बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने प्रशासन की इस पहल को अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि नागरिक समाज के तमाम प्रतिनिधि फोरम के संचालन एवं इसकी गतिविधियों के आयोजन में सक्रिय सहयोग देंगे। जिले के विकास के लिए ऐसी रचनात्मक पहल को मजबूती से आगे बढाया जाना जरूरी है। बैठक में तय किया गया कि एक माह के भीतर फोरम की अगली बैठक कर इसे स्वच्छता, नशा उन्मूलन, बच्चों की बेहतर परवरिश जैसे मुद्दों पर केन्द्रित रखा जाएगा।
बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए रमेश चन्द्र, उप जिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी, कीर्ति पंवार, गोपाल थपलियाल, अजय पुरी, शैलेन्द्र नौटियाल, कल्पना ठाकुर, शैलेन्द्र गोदियाल, मेजर आरएएस जमनाल, शैलेन्द्र नौटियाल, नत्थी सिंह रावत, प्रेम सिंह पंवार, महावीर प्रसाद भट्ट, एस.आर.उनियाल, डा. एमपीएस परमार, प्रताप पोखिरयाल, रमेश चौहान, माधव जोशी, पंकज गुप्ता, मदन मोहन बिजल्वाण, जय प्रकाश राणा आदि ने भाग लिया।